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Netaji Subhash Chandra Bose @23th January @Parakram Divas @पराक्रम दिवस


#नेताजी_सुभाषचंद्र_बोस


भारत सरकार ने #नेताजी_सुभाषचंद्र_बोस की #जयंती को #पराक्रम_दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया, #23_जनवरी को मनाई जाती है #सुभाषचंद्रबोस की जयंती।


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नेताजी सुभाष चंद्र बोस मां भारती के वो वीर सपूत थे जिनकी तुम मुझे खून तो मैं तुम्हें आजादी दूंगा की गर्जना से ब्रिटिश हुकूमत की चूल्हें हिल जाती थी। आज देश उनके संघर्ष और बलिदान को यादकर उनकी जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मना रहा है। ऐसे करिश्माई व्यक्तित्व को नमन। #नेताजी_सुभाषचंद्र_बोस #Netaji_Subhas_Chandra_Bose





#आजाद_हिन्द_फौज के संस्थापक #नेताजी_सुभाषचंद्र_बोस

"तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा" नारा देने वाले भारत के बेटे नेताजी सुभाषचंद्र बोस

76 वर्ष पूर्व आज ही के दिन नेता जी का विमान लापता हुआ था.

आजाद हिन्द फौज भारत की ओर बढ़ने लगी और सबसे पहले अंदमान और निकोबार को आजाद किया. आजाद हिंद फौज बर्मा की सीमा पार करके 18 मार्च, 1944 को भारतीय भूमि पर आ गई थी.



#NetajiSubhashChandraBose भारत के सबसे महान स्वतंत्रता सेनानी में से एक थे। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय सेना को पुनर्जीवित किया, जिसे 1943 में 'आजाद हिंद फौज' के नाम से जाना जाता था, जिसे शुरू में 1942 में रास बिहारी बोस द्वारा गठित किया गया था।


#पराक्रमदिवस




- वे 1923 में AIYC और 1938 में कांग्रेस के प्रमुख बने


- आजादी की लड़ाई के दौरान उन्हें 11 बार जेल हुई


- उन्होंने जर्मनी में आजाद हिंद रेडियो स्टेशन की स्थापना की।


- उन्होंने 'स्वराज' अखबार शुरू किया।


- उन्होंने 1935 में 'द इंडियन स्ट्रगल' नामक पुस्तक प्रकाशित की।




 

The Government of India has decided to celebrate the birth anniversary of Netaji Subhaschandra Bose as #Parakram_Divas, which is celebrated on 23 January as the birth anniversary of Subhaschandra Bose.


Netaji Subhash Chandra Bose was that brave son of Mother Bharati, whose blood you give me, I will give you freedom, that the roar of the British rule used to shake. Today, remembering his struggle and sacrifice, the country is celebrating his birth anniversary as Parakram Diwas. Salute to such a charismatic personality. #Netaji_Subhaschandra_Bose #Netaji_Subhas_Chandra_Bose




Netaji Subhash Chandra Bose, son of India, who gave the slogan "Give me blood, I will give you freedom"

Netaji's plane went missing on this day 76 years ago.

Azad Hind Fauj started moving towards India and first liberated Andaman and Nicobar. Azad Hind Fauj crossed the border of Burma and came to Indian soil on March 18, 1944.




#NetajiSubhashChandraBose was one of India’s greatest freedom fighter. He revived the Indian National Army, popularly known as ‘Azad Hind Fauj’ in 1943 which was initially formed in 1942 by Rash Behari Bose.





- He became chief of AIYC in 1923 and Congress in 1938


- He was jailed 11 times during his fight for freedom


- He established Azad Hind Radio station in Germany.


- He started a newspaper ‘Swaraj’.


- He published a book ‘The Indian Struggle’ in 1935.















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